गाजियाबाद : लोनी बॉर्डर थाना क्षेत्र से एक बेहद दर्दनाक मामला सामने आया है, जहां एक 10 वर्षीय बच्चे का पहले अपहरण किया गया और फिर बेरहमी से हत्या कर दी गई। पुलिस ने इस जघन्य वारदात में पड़ोसी, उसके सौतेले बेटे और उसके दोस्त को गिरफ्तार किया है।
पैसे के लेन-देन ने ली मासूम की जान
पुलिस जांच में सामने आया कि मुख्य आरोपी धर्मेंद्र उर्फ राजू पर कर्ज था और वह लोन लेने की कोशिश कर रहा था। बच्चे के ताऊ नरेश ने उसे लोन दिलाने का वादा कर 15,000 रुपये लिए थे, लेकिन जब न वादा पूरा हुआ और न ही पैसे लौटाए गए, तो नाराज धर्मेंद्र ने बदला लेने के लिए बच्चे की हत्या की साजिश रची।
ऐसे अंजाम दी गई खौफनाक वारदात
10 जुलाई 2025 की रात करीब 9 बजे, तीनों आरोपी – धर्मेंद्र (59), उसका सौतेला बेटा रोहित उर्फ कृष्ण (20), और दोस्त गुड्डू (22) ने मासूम को अपने ऑटो में बैठाया और उसे उत्तर दिल्ली के नरेला क्षेत्र में ले गए। वहां उन्होंने पहले गला घोंटा और फिर सिर पर वार कर उसकी हत्या कर दी।
हत्या के बाद शव को एक सफेद बोरे में भरकर टिकरी गांव में एक जलभराव वाले गड्ढे में फेंक दिया गया।
पुलिस ने त्वरित कार्रवाई कर तीनों को दबोचा
बच्चे के लापता होने की रिपोर्ट उसके पिता रवि ने लोनी बॉर्डर थाने में दर्ज कराई थी। शिकायत मिलते ही पुलिस ने सर्विलांस और स्थानीय जानकारी के आधार पर गहन जांच शुरू की और जल्द ही तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
ताऊ से नाराज था आरोपी, इसलिए बच्चे को बनाया निशाना
पूछताछ में धर्मेंद्र ने बताया कि वह करीब 2.5 लाख रुपये के कर्ज में डूबा था। जब नरेश ने उसे लोन का झांसा देकर 15 हजार रुपये लिए और फिर धोखा दिया, तो उसने यह क्रूर कदम उठाया।










