नई दिल्ली। देश में पेट्रोल-डीजल की किल्लत और बढ़ती कीमतों को लेकर चल रही अटकलों के बीच केंद्र सरकार ने स्थिति साफ कर दी है। सरकार ने भरोसा दिलाया है कि देश में कच्चे तेल का पर्याप्त भंडार मौजूद है और आम लोगों को घबराने की कोई जरूरत नहीं है।
अगले 2 महीने तक सप्लाई पूरी तरह सुरक्षित
Ministry of Petroleum and Natural Gas की संयुक्त सचिव Sujata Sharma ने बताया कि भारत ने अगले दो महीनों के लिए कच्चे तेल की आपूर्ति सुनिश्चित कर ली है।
उन्होंने कहा कि देश की सभी रिफाइनरियां पूरी क्षमता के साथ काम कर रही हैं, जिससे ईंधन उत्पादन में किसी तरह की कमी नहीं आएगी।
पेट्रोल पंपों पर किल्लत की खबरें भ्रामक
सरकार ने उन खबरों को पूरी तरह खारिज कर दिया है, जिनमें पेट्रोल पंपों पर ईंधन खत्म होने की बात कही जा रही थी।
सरकार के अनुसार, देश के किसी भी हिस्से से पेट्रोल या डीजल की कमी की कोई आधिकारिक शिकायत सामने नहीं आई है। सप्लाई चेन पूरी तरह सामान्य बनी हुई है।
वैश्विक संकट का असर, लेकिन देश में स्थिरता
अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में भारी उछाल देखा जा रहा है। Brent Crude की कीमत जहां पहले करीब 70 डॉलर प्रति बैरल थी, वहीं अब यह 100 डॉलर के पार पहुंच चुकी है।
इसके पीछे Iran से जुड़े तनाव और वैश्विक अस्थिरता को बड़ी वजह माना जा रहा है। हालांकि, इन हालात के बावजूद भारत में पेट्रोल-डीजल की कीमतों में फिलहाल कोई बढ़ोतरी नहीं की गई है।
कई देशों से हो रही सप्लाई
भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए कई देशों से तेल आयात कर रहा है। इसमें Russia, Venezuela और Iran शामिल हैं। सरकार विशेष छूट और रणनीतिक समझौतों के जरिए आपूर्ति को स्थिर बनाए हुए है।
आम जनता के लिए क्या मतलब?
सरकार के इस बयान से आम लोगों को बड़ी राहत मिली है।
स्पष्ट कर दिया गया है कि फिलहाल न तो ईंधन की कमी होगी और न ही कीमतों में अचानक बढ़ोतरी की संभावना है।
सरकार ने लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और पैनिक बाइंग से बचें।










