DGCA के कारण बताओ नोटिस पर IndiGo ने भेजा जवाब, कहा, समस्या की असली वजह बताना अभी मुश्किल

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इंडिगो एयरलाइन ने सोमवार को डायरेक्टर जनरल ऑफ सिविल एविएशन (DGCA) द्वारा जारी कारण बताओ नोटिस का औपचारिक जवाब भेज दिया। DGCA ने पूछा था कि उड़ानों में भारी अव्यवस्था और यात्रियों को हुई परेशानी के मामलों में एयरलाइन पर कड़ी कार्रवाई क्यों न की जाए। सरकार भी साफ कर चुकी है कि Indigo के CEO और COO अपनी जिम्मेदारियों में चूक के लिए जवाबदेह हैं, और यदि स्पष्टीकरण संतोषजनक नहीं हुआ तो कड़ी कार्रवाई तय है।

इंडिगो का जवाब

IndiGo ने अपने जवाब में कहा कि इतनी बड़ी समस्या के वास्तविक कारण का तुरंत निर्धारण करना संभव नहीं है।
एयरलाइन के अनुसार:

  • DGCA के नियम के मुताबिक विस्तृत रिपोर्ट तैयार करने के लिए 15 दिन का समय मिलता है।

  • रिपोर्ट तैयार होते ही DGCA को सौंप दी जाएगी।

  • एयरलाइन का दावा है कि वह पहले से DGCA के साथ नए FDTL (Flight Duty Time Limit) नियमों पर चर्चा कर रही थी, क्योंकि इनसे क्रू शेड्यूलिंग में कई कठिनाइयाँ पैदा हुईं।

यात्रियों को DGCA के नियम अनुसार सहयोग दिया– इंडिगो

IndiGo का कहना है कि संकट के दौरान कंपनी ने यात्रियों को समय पर नोटिफिकेशन, भोजन, होटल व्यवस्था और स्थानीय परिवहन जैसी सुविधाएँ DGCA के नियमों के अनुसार उपलब्ध कराईं। अधिकतर यात्रियों के रिफंड भी जल्द प्रोसेस किए गए।

सूत्रों के अनुसार, DGCA और एविएशन मंत्रालय के अधिकारी 9 दिसंबर को सुबह 11 बजे Indigo के CEO पीटर एल्बर्स से पूछताछ करेंगे। इसके बाद दोपहर 12 बजे एविएशन मंत्री राम मोहन नायडू लोकसभा में बयान देंगे।

इन अधिकारियों की समिति करेगी जांच

DGCA ने इंडिगो संकट की विस्तृत जांच के लिए चार सदस्यीय समिति बनाई है। इसमें शामिल हैं:

  • संयुक्त महानिदेशक संजय ब्राह्मणे

  • उप महानिदेशक अमित गुप्ता

  • वरिष्ठ उड़ान परिचालन निरीक्षक कपिल मांगलिक

  • एफओआई लोकेश रामपाल

समिति की जिम्मेदारी होगी, उड़ानों में हुए बड़े व्यवधानों के मूल कारण तलाशना, एयरलाइन द्वारा पायलटों के ड्यूटी और आराम नियमों के पालन की तैयारी की समीक्षा, स्टाफ प्लानिंग और रोस्टर सिस्टम में खामियों का आकलन।

यात्रियों की मदद के लिए इंडिगो की व्यवस्थाएँ

IndiGo वर्तमान में 1800 से अधिक उड़ानों का दैनिक संचालन करती है। 7 दिसंबर को ही एयरलाइन ने 1650 उड़ानें संचालित की। 1 से 7 दिसंबर के बीच फंसे यात्रियों की सहायता के लिए:

  • 9,500 से अधिक होटल कमरे बुक किए गए,

  • लगभग 10,000 कैब और बसें उपलब्ध कराईं,

  • 4,500 से ज्यादा यात्रियों के बैग सुरक्षित रूप से पहुँचा दिए गए।

डीजीसीए की जांच रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि संकट की वास्तविक वजह क्या थी और एयरलाइन पर क्या कार्रवाई की जाएगी।

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Author: News Rastra

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