उत्तर प्रदेश में 22 साल बाद मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान आज से शुरू हो गया है। इस अभियान के तहत बीएलओ (BLO) घर-घर जाकर दो प्रतियों में गणना प्रपत्र वितरित करेंगे।
इस प्रपत्र में मतदाता का नाम, एपिक संख्या (EPIC No.), भाग संख्या, क्रम संख्या, और विधानसभा क्षेत्र जैसी जानकारी पहले से दर्ज होगी। मतदाताओं को इसमें जन्म तिथि, आधार संख्या, मोबाइल नंबर, माता-पिता का नाम और उनका एपिक नंबर, साथ ही पति या पत्नी का नाम और एपिक नंबर जैसी जानकारियां भरनी होंगी।
बीएलओ द्वारा 4 दिसंबर तक प्रपत्र बांटने और भरे हुए प्रपत्र वापस लेने का काम पूरा किया जाएगा। इसके बाद 9 दिसंबर को मतदाता सूची का ड्राफ्ट (प्रारूप) जारी किया जाएगा।
दावे और आपत्तियों के लिए समय सीमा
मतदाता सूची के ड्राफ्ट जारी होने के बाद 8 जनवरी तक दावे और आपत्तियां दर्ज की जा सकेंगी। इस दौरान कोई भी मतदाता अपने नाम, पते या अन्य विवरण में सुधार के लिए आवेदन कर सकेगा।
अन्य राज्यों में भी शुरू हुई प्रक्रिया
उत्तर प्रदेश के अलावा यह विशेष पुनरीक्षण प्रक्रिया पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, राजस्थान, गोवा, गुजरात, केरल, और केंद्र शासित प्रदेशों अंडमान-निकोबार द्वीप, लक्षद्वीप और पुडुचेरी में भी शुरू की गई है।
इस अभियान के तहत देशभर में लगभग 51 करोड़ मतदाता इस प्रक्रिया में शामिल होंगे, जिससे मतदाता सूची को और अधिक सटीक और अद्यतन बनाया जा सकेगा।










