नई दिल्ली। लोकसभा में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव की चर्चा के दौरान सोमवार को जोरदार हंगामा देखने को मिला। नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने पूर्व सेनाध्यक्ष जनरल मनोज मुकुंद नरवणे की अप्रकाशित किताब ‘Four Stars of Destiny’ के कथित अंशों का हवाला देते हुए डोकलाम विवाद पर सरकार को घेरने की कोशिश की, जिसके बाद सदन में सत्ता पक्ष और विपक्ष आमने-सामने आ गए।
राहुल गांधी ने अपने संबोधन की शुरुआत करते हुए कहा, “ध्यान से सुनिए मैं क्या पढ़ रहा हूं, इससे पता चलेगा कि देशभक्त कौन है और कौन नहीं।” उन्होंने दावा किया कि जनरल नरवणे के संस्मरणों के मुताबिक डोकलाम के दौरान चार चीनी टैंक भारतीय सीमा की ओर बढ़ रहे थे और महज 100 मीटर की दूरी पर थे। इस बयान के साथ ही सदन में हंगामा शुरू हो गया।
सरकार की आपत्ति, नियमों का हवाला
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने तुरंत आपत्ति जताते हुए कहा कि किसी अप्रकाशित किताब का सदन में उल्लेख नहीं किया जा सकता। उन्होंने राहुल गांधी पर सदन को गुमराह करने का आरोप लगाया और मांग की कि यदि ऐसा कोई स्रोत है तो उसे औपचारिक रूप से प्रस्तुत किया जाए। गृह मंत्री अमित शाह ने भी कहा कि अप्रकाशित सामग्री का हवाला देना संसदीय नियमों के खिलाफ है।
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने नियम 349 का हवाला देते हुए स्पष्ट किया कि सदन में किसी अप्रकाशित पुस्तक, तस्वीर या अखबार की कटिंग को न तो दिखाया जा सकता है और न ही उसका उल्लेख किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि सदन को नियमों और परंपराओं के तहत ही चलाया जाएगा।
राहुल गांधी का पलटवार
राहुल गांधी ने जवाब में कहा कि उनका स्रोत भरोसेमंद है और यह किताब सरकार द्वारा प्रकाशित नहीं होने दी जा रही है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा, “सरकार आतंकवाद से लड़ने की बात करती है, लेकिन एक कोट से डर रही है।” उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि उन्हें जानबूझकर बोलने नहीं दिया जा रहा।
समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने भी राहुल गांधी का समर्थन करते हुए कहा कि चीन से जुड़ा मामला बेहद संवेदनशील है और नेता प्रतिपक्ष को अपनी बात रखने की अनुमति मिलनी चाहिए।
46 मिनट तक चला हंगामा
करीब 46 मिनट तक सदन में शोर-शराबा चलता रहा। भाजपा सांसदों ने कांग्रेस की देशभक्ति पर सवाल उठाए, जिसका राहुल गांधी ने कड़ा जवाब दिया। इस पर अमित शाह ने कहा कि उन्होंने कभी कांग्रेस की देशभक्ति पर सवाल नहीं उठाया है।
लोकसभा अध्यक्ष ने राहुल गांधी को नियमों के पालन की नसीहत दी और चर्चा को तय विषय तक सीमित रखने को कहा। इस पर राहुल ने व्यंग्य करते हुए कहा, “स्पीकर सर, आप ही बता दीजिए कि मुझे क्या बोलना चाहिए।” अध्यक्ष ने जवाब दिया, “मैं आपका सलाहकार नहीं हूं, लेकिन सदन को नियमों के अनुसार चलाना मेरी जिम्मेदारी है।”
कार्यवाही स्थगित
लगातार हंगामे के बीच लोकसभा की कार्यवाही दोपहर 3 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई। यह पूरा घटनाक्रम बजट सत्र के दौरान राष्ट्रीय सुरक्षा, संसदीय मर्यादाओं और राजनीतिक टकराव को लेकर बढ़ते तनाव को दर्शाता है।










