बिहार की राजनीति में एक अहम घटनाक्रम सामने आया है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार ने रविवार को औपचारिक रूप से जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) की सदस्यता ग्रहण कर ली। पटना स्थित पार्टी कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम में बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं और नेताओं ने उनका स्वागत किया।
इस अवसर पर जेडीयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा, केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन सिंह ललन सहित कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे।
पार्टी को आगे बढ़ाने का संकल्प
पार्टी में शामिल होने के बाद निशांत कुमार ने कहा कि वह सक्रिय सदस्य के रूप में पार्टी को मजबूत बनाने का काम करेंगे। उन्होंने कहा कि उनके पिता ने पिछले 20 वर्षों में बिहार के विकास के लिए जो काम किए हैं, उन्हें वह जन-जन तक पहुंचाने का प्रयास करेंगे।
उन्होंने कहा, मुझे अपने पिता पर गर्व है। मैं कार्यकर्ताओं से अपील करता हूं कि वे उन पर पूरा भरोसा बनाए रखें और मनोबल ऊंचा रखें।”
राज्यसभा जाने के फैसले का किया स्वागत
निशांत कुमार ने अपने पिता के राज्यसभा जाने के फैसले का भी स्वागत किया। उन्होंने कहा कि वह इस निर्णय को पूरी तरह स्वीकार करते हैं और पार्टी को मजबूत बनाने के लिए पूरी जिम्मेदारी के साथ काम करेंगे।
गौरतलब है कि हाल ही में नीतीश कुमार ने राज्यसभा चुनाव के लिए नामांकन दाखिल किया है। राजनीतिक हलकों में चर्चा है कि वह अप्रैल तक मुख्यमंत्री पद छोड़कर दिल्ली की राजनीति में सक्रिय भूमिका निभा सकते हैं।
बड़ी जिम्मेदारी मिलने की चर्चा
निशांत कुमार के जेडीयू में शामिल होने के बाद राजनीतिक गलियारों में यह भी चर्चा तेज हो गई है कि उन्हें पार्टी में कोई बड़ी जिम्मेदारी सौंपी जा सकती है। कुछ सूत्रों के अनुसार उन्हें बिहार का उपमुख्यमंत्री बनाए जाने की संभावना भी जताई जा रही है, ताकि भविष्य में पार्टी नेतृत्व की नई पीढ़ी तैयार की जा सके।
बिहार दौरे की तैयारी
जेडीयू में शामिल होने के बाद निशांत कुमार जल्द ही पूरे बिहार का दौरा कर कार्यकर्ताओं से संवाद करेंगे। माना जा रहा है कि उनकी सक्रिय राजनीति में एंट्री से पार्टी संगठन को नई ऊर्जा मिलेगी और आने वाले समय में बिहार की राजनीति में नई दिशा देखने को मिल सकती है।










