Satya Pal Malik Death : पूर्व राज्यपाल सत्यपाल मलिक का 79 वर्ष की उम्र में निधन, दिल्ली के अस्पताल में ली आखिरी सांस

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Satya Pal Malik Death : जम्मू-कश्मीर, गोवा, बिहार और मेघालय जैसे राज्यों में राज्यपाल रह चुके सत्यपाल मलिक का मंगलवार को निधन हो गया। वे 79 वर्ष के थे और लंबे समय से बीमार चल रहे थे। उन्होंने दिल्ली स्थित राम मनोहर लोहिया अस्पताल में अंतिम सांस ली। यह जानकारी उनके निजी सचिव केएस राणा ने दी।

उनके निधन की सूचना उनके आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट ‘X’ (पूर्व में ट्विटर) पर भी साझा की गई। सत्यपाल मलिक का स्वास्थ्य पिछले कुछ समय से खराब चल रहा था और उन्हें किडनी संबंधी समस्याएं थीं।

अनुच्छेद 370 के हटने के दौरान थे जम्मू-कश्मीर के राज्यपाल

सत्यपाल मलिक उस समय जम्मू-कश्मीर के राज्यपाल थे, जब 5 अगस्त 2019 को केंद्र सरकार ने अनुच्छेद 370 और 35A को समाप्त कर दिया था। इसके बाद जब राज्य को दो केंद्र शासित प्रदेशों में बदला गया, तब उन्हें उपराज्यपाल बनाया गया था।

साहसी बयानों के लिए रहे चर्चित

मलिक को कृषि आंदोलन, भ्रष्टाचार और विभिन्न राष्ट्रीय मुद्दों पर बेबाक राय रखने के लिए जाना जाता था। उन्होंने कई बार सरकार की नीतियों की खुलकर आलोचना की और किसानों के समर्थन में आवाज उठाई।

केसी त्यागी ने जताया दुख

वरिष्ठ नेता और जेडीयू के पूर्व प्रवक्ता केसी त्यागी ने मलिक के निधन को निजी क्षति बताया। उन्होंने कहा, “हम दोनों ने मेरठ से राजनीतिक सफर की शुरुआत की थी और चौधरी चरण सिंह के नेतृत्व में लंबे समय तक साथ काम किया। उनके जाने से पश्चिमी उत्तर प्रदेश की एक मजबूत आवाज खामोश हो गई।”

राजनीति में लंबा सफर

24 जुलाई 1946 को उत्तर प्रदेश के बागपत में जन्मे सत्यपाल मलिक ने मेरठ यूनिवर्सिटी से स्नातक और एलएलबी की पढ़ाई की थी। वे 1968-69 में छात्र संघ अध्यक्ष चुने गए और 1974 में पहली बार विधायक बने। इसके बाद उन्होंने राज्यसभा और लोकसभा दोनों में प्रतिनिधित्व किया।

वे 1989 में जनता दल के टिकट पर अलीगढ़ से लोकसभा सांसद चुने गए थे। 1996 में सपा के टिकट पर चुनाव लड़ा, लेकिन हार गए।

कई दलों से जुड़ाव

अपने लंबे राजनीतिक करियर में मलिक कई राजनीतिक दलों से जुड़े रहे। इनमें भारतीय क्रांति दल, जनता दल, कांग्रेस, समाजवादी पार्टी और भाजपा शामिल हैं। 2012 में उन्हें भाजपा का राष्ट्रीय उपाध्यक्ष भी बनाया गया था।

राज्यपाल के रूप में सेवा

  • बिहार: सितंबर 2017 – अगस्त 2018

  • ओडिशा (प्रभारी राज्यपाल): मार्च – अगस्त 2018

  • जम्मू-कश्मीर: अगस्त 2018 – अक्टूबर 2019

  • गोवा: नवंबर 2019 – अगस्त 2020

  • मेघालय: अगस्त 2020 – अक्टूबर 2022

Ankita Yadav
Author: Ankita Yadav

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