वाराणसी: श्रावण मास (Sawan 2025) में शिवभक्तों के लिए हर सोमवार विशेष होता है, और इसी श्रृंखला में आगामी सोमवार को बाबा विश्वनाथ का गौरी-शंकर (शंकर-पार्वती) स्वरूप में भव्य श्रृंगार किया जाएगा। इस विशेष रूप में देवाधिदेव महादेव के दर्शन करने का सौभाग्य आम श्रद्धालुओं के साथ कांवड़ियों को भी मिलेगा।
श्रावण मास (Sawan 2025) के पहले सोमवार को बाबा की चल प्रतिमा का श्रृंगार हुआ था, जबकि दूसरे सोमवार को वे अपने गौरी-शंकर स्वरूप में सजे हुए नजर आएंगे। श्री काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास के मुख्य कार्यपालक अधिकारी विश्व भूषण मिश्र ने जानकारी दी कि सोमवार को बाबा के विशेष स्वरूप का दर्शन भक्तों के लिए अत्यंत फलदायी माना जाता है। तीसरे सोमवार (28 जुलाई) को बाबा का अर्धनारीश्वर रूप और चौथे सोमवार (4 अगस्त) को रुद्राक्ष श्रृंगार किया जाएगा। वहीं, पूर्णिमा (9 अगस्त) को वार्षिक झूला श्रृंगार का आयोजन होगा।
श्रद्धालुओं की सहूलियत के लिए मंदिर प्रांगण में रेड कार्पेट बिछाया जाएगा और पुष्प वर्षा के साथ स्वागत किया जाएगा। मंदिर प्रशासन द्वारा सुगम दर्शन और सुविधाओं का विशेष ध्यान रखा जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने दिए थे सुगम और सुरक्षित यात्रा के निर्देश
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को वाराणसी दौरे के दौरान अधिकारियों को निर्देश दिया था कि कांवड़ियों और श्रद्धालुओं की यात्रा पूरी तरह से सुरक्षित और सुगम हो। इसी के मद्देनजर जिला प्रशासन, पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां मुस्तैद हैं।
जल, थल और आकाश से निगरानी, हाई अलर्ट पर सुरक्षा तंत्र
वाराणसी पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल ने बताया कि गंगा नदी में सुरक्षा हेतु जल पुलिस और एनडीआरएफ की टीमों को तैनात किया गया है। वहीं, आकाश से निगरानी के लिए आठ ड्रोन लगातार पेट्रोलिंग करेंगे और टीथर्ड ड्रोन लंबे समय तक उड़ान भरकर नजर रखेगा। पूरे क्षेत्र में 200 से ज्यादा सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं जो हर गतिविधि पर नजर रख रहे हैं।
इसके अतिरिक्त 10 क्विक रिस्पॉन्स टीम और 20 मोटरसाइकिल दस्तों के साथ 1500 से अधिक पुलिसकर्मी दिन-रात सुरक्षा व्यवस्था में लगे हुए हैं। श्री काशी विश्वनाथ धाम को जोड़ने वाले मार्गों पर शनिवार से ट्रैफिक डायवर्जन लागू कर दिया गया है, जो मंगलवार सुबह तक प्रभावी रहेगा। प्रयागराज से काशी की ओर आने वाली हाईवे की एक लेन विशेष रूप से कांवड़ियों के लिए सुरक्षित की गई है।
श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए मंदिर और यात्रा मार्गों पर अस्थायी पुलिस चौकियां भी बनाई गई हैं।










