रायबरेली: उत्तर प्रदेश के रायबरेली जिले में निर्माणाधीन गंगा एक्सप्रेसवे रविवार देर रात एक भीषण हादसे का गवाह बना, जहां तेज रफ्तार बेकाबू कार ने पैदल जा रही आठ लड़कियों को कुचल दिया। इस दर्दनाक दुर्घटना में चार लड़कियों की मौत हो गई, जबकि चार अन्य की हालत गंभीर बनी हुई है। हादसे के बाद इलाके में चीख-पुकार मच गई और परिजनों में कोहराम छा गया।
जानकारी के अनुसार, सभी लड़कियां कोडर गांव की रहने वाली थीं और चुली गांव में आयोजित एक सामुदायिक भंडारे से प्रसाद लेकर पैदल ही अपने घर लौट रही थीं। घटना जगतपुर थाना क्षेत्र के सुल्तानपुर जनौली गांव के पास उस समय हुई, जब वे निर्माणाधीन गंगा एक्सप्रेसवे से होकर गुजर रही थीं। इसी दौरान पीछे से आ रही तेज रफ्तार कार ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर के बाद चालक कार मौके पर छोड़कर फरार हो गया।
पुलिस के मुताबिक, हादसे में हिमांशी (23) और शालिनी (22) की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं गंभीर रूप से घायल रश्मी (14) और आसमा (22) को जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान दोनों ने दम तोड़ दिया। इस दुर्घटना में रिया पटेल (14), प्रिया पटेल (12), साधना (9), मीना (22) और रेशमा (14) घायल हुई हैं, जिनका जिला अस्पताल में इलाज चल रहा है।
घटना की सूचना मिलते ही जिलाधिकारी हर्षिता माथुर और पुलिस अधीक्षक रवि कुमार जिला अस्पताल पहुंचे और डॉक्टरों को घायलों के समुचित इलाज के निर्देश दिए। पुलिस अधीक्षक रवि कुमार ने बताया कि यह हादसा निर्माणाधीन गंगा एक्सप्रेसवे पर तेज रफ्तार कार के कारण हुआ है। वाहन को जब्त कर लिया गया है और फरार चालक की तलाश की जा रही है।
इस हादसे के बाद न सिर्फ पीड़ित परिवारों में मातम पसरा है, बल्कि स्थानीय लोगों में भी गुस्सा है। लोगों का सवाल है कि जब एक्सप्रेसवे का निर्माण कार्य चल रहा है, तो वहां वाहनों की आवाजाही कैसे हो रही है। साथ ही पैदल यात्रियों को रोकने या वैकल्पिक मार्ग देने के कोई ठोस इंतजाम क्यों नहीं किए गए। लापरवाही को लेकर प्रशासन और निर्माण एजेंसियों की भूमिका पर भी सवाल उठने लगे हैं।










