वाराणसी। लंका थाना क्षेत्र में एक होटल मैनेजर द्वारा ट्रैवेल्स और वाहन कारोबार के नाम पर कई लोगों से लाखों रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। आरोप है कि होटल प्रकाश पैलेस का मैनेजर खुद को गाड़ियों की खरीद–फरोख्त और ट्रैवेल्स का कारोबारी बताकर लोगों का भरोसा जीतता रहा और फिर रकम लेकर गायब हो गया।
चंदौली जिले के ग्राम झांसी (लौंदा) निवासी बुद्धिराम, जो वर्तमान में सामनेघाट स्थित हरिओम नगर कॉलोनी में रहते हैं, ने लंका थाने में दी गई तहरीर में बताया कि उनकी जान-पहचान होटल प्रकाश पैलेस के मैनेजर हिमांशु गुप्ता से थी। बातचीत के दौरान हिमांशु ने खुद को होटल प्रबंधन के साथ-साथ वाहन कारोबार से जुड़ा हुआ बताया।
बुद्धिराम के अनुसार, हिमांशु के भरोसे पर उन्होंने अपनी स्कॉर्पियो चार लाख रुपये में उसके जरिए बेच दी। इसके बाद हिमांशु ने कानपुर निवासी रतन चोपड़ा की एक गाड़ी उन्हें चलाने के लिए दी और आश्वासन दिया कि बाद में वही गाड़ी उनके नाम करा दी जाएगी। गाड़ी पसंद आने पर उसकी कीमत 13.75 लाख रुपये तय हुई। इस सौदे के तहत बुद्धिराम ने पांच लाख रुपये हिमांशु और उसकी पत्नी नेहा गुप्ता के बैंक खाते में ट्रांसफर किए, जबकि तीन लाख रुपये नकद भी सौंपे।
आरोप है कि रकम लेने के बाद हिमांशु लगातार टालमटोल करता रहा। न तो गाड़ी का ट्रांसफर कराया गया और न ही पैसे वापस किए गए। इसी बीच वह अचानक फरार हो गया। जांच में यह भी सामने आया है कि कृष्णा नगर कॉलोनी, छित्तूपुर, लंका और चंदौली के अन्य कई लोग भी इसी तरह उसकी ठगी का शिकार हुए हैं, जिनसे कुल मिलाकर लाखों रुपये वसूले गए।
लंका पुलिस ने मामले में एफआईआर दर्ज कर ली है। पुलिस का कहना है कि सभी पीड़ितों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं और बैंक लेनदेन की जांच की जा रही है। फरार आरोपी की तलाश के लिए संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है।










