नई दिल्ली। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को लगातार नौवीं बार केंद्रीय बजट 2026-27 पेश किया। इस बजट में जहां इनकम टैक्स स्लैब को लेकर मध्यम वर्ग को कोई बड़ी राहत नहीं मिली, वहीं आम लोगों की रोजमर्रा की जरूरतों से जुड़ी कई चीजों पर सरकार ने राहत दी है। दूसरी ओर कुछ वस्तुएं ऐसी भी हैं, जिनकी कीमतें बढ़ने से जेब पर अतिरिक्त बोझ पड़ेगा।
यह बजट ऐसे वक्त में आया है, जब भारत वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं, अमेरिकी टैरिफ और भू-राजनीतिक तनावों जैसी चुनौतियों का सामना कर रहा है। इसके बावजूद सरकार ने कृषि, स्वास्थ्य, रक्षा, ऊर्जा और इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे अहम सेक्टरों में संतुलन साधने की कोशिश की है। बजट 2026-27 को ‘विकसित भारत 2047’ के लक्ष्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
1 अप्रैल 2026 से लागू होगा नया इनकम टैक्स एक्ट
वित्त मंत्री ने घोषणा की कि 1 अप्रैल 2026 से नया इनकम टैक्स एक्ट लागू किया जाएगा। हालांकि, इस बार टैक्स स्लैब या दरों में कोई नई छूट नहीं दी गई। इससे मध्यम वर्ग की उम्मीदें पूरी तरह तो नहीं जगीं, लेकिन सरकार ने अन्य क्षेत्रों में राहत देने के संकेत दिए हैं।
बजट 2026 में क्या हुआ महंगा?
इस बजट में कुछ चीजें महंगी होने जा रही हैं, जिनमें प्रमुख रूप से—
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मिनरल्स
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स्क्रैप
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शराब
शराब पर टैक्स बढ़ने से इसका सीधा असर उपभोक्ताओं की जेब पर पड़ना तय माना जा रहा है।
बजट में क्या-क्या हुआ सस्ता?
वित्त मंत्री ने कई जरूरी और आम उपयोग की वस्तुओं को सस्ता करने का ऐलान किया है, जिससे आम आदमी को राहत मिल सकती है। इनमें शामिल हैं—
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चमड़ा और उससे बने उत्पाद
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कपड़े
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सिंथेटिक फुटवियर और जूते
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चमड़े और कपड़े से जुड़े निर्यात उत्पाद
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माइक्रोवेव ओवन
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सोलर एनर्जी से जुड़ी वस्तुएं और सोलर ग्लास
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इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) बैटरी
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एयरक्राफ्ट निर्माण से जुड़ा सामान
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विमानों का ईंधन
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विदेशी यात्रा
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बायोगैस मिक्स्ड CNG और मिक्स्ड गैस CNG
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कैंसर की 17 दवाएं
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डायबिटीज (शुगर) की दवाएं
इन फैसलों से हेल्थ सेक्टर, ग्रीन एनर्जी, मैन्युफैक्चरिंग और एक्सपोर्ट इंडस्ट्री को खासा फायदा मिलने की उम्मीद है।
इकोनॉमिक सर्वे की झलक
बजट से पहले पेश हुए इकोनॉमिक सर्वे 2025-26 में भारतीय अर्थव्यवस्था की मिली-जुली तस्वीर सामने आई थी। सर्वे के मुताबिक—
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भारत को अपनी वर्किंग एज आबादी का लाभ मिल रहा है
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हेल्थ सेक्टर और रोजगार सृजन अभी भी बड़ी चुनौती हैं
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वित्त वर्ष 2026-27 में GDP ग्रोथ 6.8% से 7.2% के बीच रहने का अनुमान जताया गया था
इन्हीं आंकड़ों के आधार पर बजट से काफी उम्मीदें जुड़ी हुई थीं।
आम आदमी पर क्या होगा असर?
कुल मिलाकर बजट 2026 सिर्फ टैक्स तक सीमित नहीं है। इसका सीधा असर इलाज की लागत, ऊर्जा खर्च, रोजगार, निवेश और रोजमर्रा की जरूरतों पर पड़ेगा। जहां कुछ चीजें सस्ती होकर राहत देंगी, वहीं कुछ क्षेत्रों में महंगाई का दबाव बना रह सकता है। आने वाले समय में साफ होगा कि यह बजट आम आदमी की उम्मीदों पर कितना खरा उतरता है।










