वाराणसी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को अपने 126वें ‘मन की बात’ कार्यक्रम की शुरुआत देशवासियों को त्योहारों की शुभकामनाएं देते हुए की। इस मौके पर उन्होंने वोकल फॉर लोकल और स्वदेशी उत्पादों की खरीदारी को आत्मनिर्भर भारत के लिए जरूरी बताया।
प्रधानमंत्री के संबोधन की मुख्य बातें
-
त्योहार और स्वदेशी पर जोर: पीएम ने कहा कि जब हम स्थानीय उत्पाद खरीदते हैं तो किसी परिवार की उम्मीदों को घर लाते हैं और देश को आत्मनिर्भर बनाने में योगदान देते हैं।
-
स्वच्छता अभियान: उन्होंने अपील की कि स्वच्छता केवल घर तक सीमित न रहे, बल्कि आसपास के क्षेत्रों में भी सफाई पर ध्यान दिया जाए।
-
प्रेरणा पुंज भगत सिंह: भगत सिंह की जयंती पर उन्हें नमन करते हुए पीएम ने उनके साहस और बलिदान को याद किया।
-
लता मंगेशकर का स्मरण: उन्होंने लता दीदी को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि उनके देशभक्ति गीत सदैव प्रेरणा देते हैं।
-
नवरात्रि और बेटियों की उपलब्धियां: पीएम ने नवरात्रि पर शक्ति उपासना का महत्व बताया और देश की बेटियों की उपलब्धियों का जिक्र किया, जिन्होंने समुद्र में 8 महीने रहकर 50,000 किमी की यात्रा पूरी की।
-
छठ पूजा: इसे ग्लोबल फेस्टिवल बताते हुए पीएम ने कहा कि भारत सरकार इसे यूनेस्को की सांस्कृतिक धरोहर में शामिल करने का प्रयास कर रही है।
-
गांधी जयंती और विजयदशमी: उन्होंने कहा कि 2 अक्टूबर को महात्मा गांधी की जयंती के साथ विजयदशमी भी है, जिसे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ अपने स्थापना दिवस के रूप में मनाता है।
-
स्थानीय प्रतिभाओं का उल्लेख: पीएम ने असम के गीतकार जुबिन गर्ग, एसएस भरैया और मधुबनी की बेटी स्वीटी का जिक्र किया, जिन्होंने कला के माध्यम से आजीविका का साधन बनाया।
इस दौरान शालिनी यादव, चंद्रशेखर उपाध्याय, नवीन कपूर, मधुकर चित्रांश, विनोद गुप्ता, सोभनाथ मौर्य सहित बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता मौजूद रहे।










