वाराणसी। ज्ञानवापी परिसर से जुड़ी जमीन को लेकर बीते कुछ समय से चल रही चर्चाओं और अफवाहों के बीच अब स्थिति स्पष्ट हो चुकी है। विश्वनाथ धाम विस्तार परियोजना के तहत वर्ष 2021 में अंजुमन इंतजामिया मसाजिद कमेटी से ली गई 800 वर्गफुट ज़मीन के बदले में उन्हें 1000 वर्गफुट नई जमीन दी गई है। यह ज़मीन वाराणसी के बांसफाटक इलाके में है और इसकी चाबी हाल ही में कमेटी को सौंप दी गई है।
4 साल पुरानी अदला-बदली अब बनी खबर
यह भूमि विनिमय वर्ष 2021 में तय हुआ था, जब विश्वनाथ धाम कॉरिडोर निर्माण के लिए प्लॉट नंबर 8276 की आवश्यकता पड़ी। यह प्लॉट, जिस पर पहले पुलिस कंट्रोल रूम था, सुन्नी वक्फ बोर्ड की लीज पर था। अधिकारियों के आग्रह पर अंजुमन कमेटी ने इसे देने पर सहमति जताई और बदले में उपयुक्त ज़मीन की मांग की गई।
फतवों से ली गई थी धार्मिक मंजूरी
कमेटी के सचिव एसएम यासीन ने बताया कि इस फैसले को धार्मिक आधार पर भी परखा गया। इसके लिए देवबंद, बरेली, आजमगढ़ समेत कई प्रतिष्ठित संस्थानों से फतवे मंगवाए गए। सभी ने सहमति जताई कि यदि वक्फ की ज़मीन का बदला किसी और जमीन से होता है और उससे होने वाली आय मस्जिद के रख-रखाव में लगे, तो यह स्वीकार्य है।
बांसफाटक वाला मकान पसंद आया, वहीं हुई रजिस्ट्री
बांसफाटक इलाके का एक मकान अंजुमन को उपयुक्त लगा, जिसमें से 1000 स्क्वायर फुट हिस्सा मस्जिद कमेटी को दिया गया, जबकि बाकी 900 स्क्वायर फुट मंदिर प्रशासन ने अपने पास रखा। उसी समय रजिस्ट्री हो गई और मकान की चाबी भी सौंप दी गई थी।
चाबी को लेकर फैली अफवाह, अब स्थिति साफ
कुछ समय पहले मंदिर प्रशासन ने सफाई और हिस्सेदारी के लिए मकान की चाबी अस्थायी रूप से वापस ली थी। इसी दौरान अफवाह उड़ी कि अंजुमन कमेटी से चाबी वापस ले ली गई है। इस पर एसएम यासीन ने कमिश्नर एस राजलिंगम से मिलकर स्थिति स्पष्ट की। कमिश्नर ने खुद हस्तक्षेप करते हुए मंदिर प्रशासन को निर्देश दिया कि चाबी तुरंत लौटाई जाए।
17 जुलाई को मिला कब्ज़ा, अब होगा निर्माण कार्य
मंदिर के मुख्य कार्यपालक अधिकारी, एसडीएम और सुरक्षा कर्मियों की मौजूदगी में 17 जुलाई को जमीन का सीमांकन हुआ और कमेटी को दो दुकान वाले 1000 स्क्वायर फुट हिस्से की चाबी सौंप दी गई। इसके बाद 23 जुलाई को अंजुमन के इंजीनियरों ने मौके का निरीक्षण कर मापजोख की।
आमदनी का बनेगा स्रोत
अंजुमन इंतजामिया मसाजिद कमेटी का कहना है कि वे अब इस ज़मीन पर एक व्यावसायिक इमारत तैयार करेंगे, जिससे होने वाली आय ज्ञानवापी मस्जिद के रखरखाव और देखरेख पर खर्च की जाएगी।










