वाराणसी में 750 से अधिक समूह सखियों का हल्लाबोल, 20 हजार मानदेय समेत 5 सूत्रीय मांगों को लेकर कलेक्ट्रेट पर धरना

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वाराणसी: स्वयं सहायता समूहों (SHG) से जुड़ी 750 से अधिक समूह सखियों ने सोमवार को अपने अधिकारों और मांगों को लेकर मोर्चा खोल दिया। वाराणसी के जिला मुख्यालय स्थित कलेक्ट्रेट पर बड़ी संख्या में पहुंचीं महिलाओं ने मानदेय बढ़ाने समेत अपनी पांच सूत्रीय मांगों को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया। कलेक्ट्रेट गेट पर रोके जाने के बाद महिलाएं वहीं जमीन पर बैठ गईं और नारेबाजी करते हुए धरना शुरू कर दिया।

वाराणसी में कलेक्ट्रेट पहुंची समूह सखियां। मानदेय 2 हजार से 20 हजार करने की मांग। - Dainik Bhaskar

‘2000 रुपये में कैसे चलेगा गुजारा?’

प्रदर्शन कर रही समूह सखियों का कहना है कि पंचायत स्तर पर उनसे कई तरह के महत्वपूर्ण कार्य कराए जाते हैं, लेकिन इसके बदले उन्हें महज 2,000 रुपये प्रतिमाह मानदेय दिया जाता है। महिलाओं ने कहा कि मौजूदा महंगाई के दौर में इतने कम मानदेय में परिवार का खर्च चलाना मुश्किल है।

समूह सखियों ने सरकार से मांग की कि उनका मासिक मानदेय बढ़ाकर 20,000 रुपये किया जाए, ताकि उन्हें उनके काम के अनुरूप सम्मानजनक आर्थिक सहायता मिल सके।

समूह सखियों की 5 प्रमुख मांगें

प्रदर्शन के दौरान महिलाओं ने सरकार के सामने पांच प्रमुख मांगें रखीं।

  • मानदेय में बढ़ोतरी: वर्तमान 2,000 रुपये के मासिक मानदेय को बढ़ाकर 20,000 रुपये किया जाए।
  • समय पर भुगतान: मानदेय का हर महीने नियमित और समय पर भुगतान सुनिश्चित किया जाए।
  • काम के अनुसार अतिरिक्त भत्ता और सुरक्षा: बढ़ते कार्यभार को देखते हुए अतिरिक्त भत्ता और सामाजिक सुरक्षा का लाभ दिया जाए।
  • दुर्व्यवहार और मानसिक उत्पीड़न पर रोक: ब्लॉक और ग्राम स्तर पर अधिकारियों द्वारा कथित दबाव, दुर्व्यवहार और मानसिक उत्पीड़न की शिकायतों का समाधान किया जाए।
  • स्थायीकरण की प्रक्रिया: स्वयं सहायता समूहों के लिए काम कर रहीं सक्रिय कार्यकर्ताओं को भविष्य में स्थायी मानदेय कर्मी के रूप में शामिल करने पर विचार किया जाए।

कलेक्ट्रेट गेट पर रोके जाने के बाद धरने पर बैठीं महिलाएं

चिरईगांव, काशी विद्यापीठ समेत वाराणसी के विभिन्न विकासखंडों से समूह सखियां कलेक्ट्रेट पहुंची थीं। कलेक्ट्रेट परिसर में प्रवेश को लेकर सुरक्षाकर्मियों द्वारा रोके जाने के बाद महिलाओं और सुरक्षाकर्मियों के बीच कुछ देर तक गहमागहमी की स्थिति बनी रही।

महिलाएं जिलाधिकारी से सीधे मुलाकात कर अपनी समस्याएं बताने की मांग पर अड़ गईं। इसके बाद उन्होंने कलेक्ट्रेट गेट पर ही धरना शुरू कर दिया और अपनी मांगों के समर्थन में नारेबाजी की।

सरकार के नाम सौंपा पांच सूत्रीय ज्ञापन

काफी देर तक चले प्रदर्शन के बाद प्रशासनिक अधिकारियों के माध्यम से समूह सखियों ने उत्तर प्रदेश सरकार के नाम अपना पांच सूत्रीय मांग पत्र सौंपा। महिलाओं ने अपनी मांगों पर जल्द सकारात्मक निर्णय लिए जाने की मांग की।

प्रदर्शनकारी समूह सखियों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर जल्द कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया, तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा। महिलाओं ने जरूरत पड़ने पर काम के पूर्ण बहिष्कार की भी चेतावनी दी है।

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Author: News Rastra

न्यूज राष्ट्र

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