Bihar Public Service Commission (BPSC) ने शिक्षक भर्ती के चौथे चरण TRE-4 (2026) का कार्यक्रम घोषित कर दिया है। इस अभियान के तहत राज्य के सरकारी स्कूलों में कक्षा 1 से 12वीं तक कुल 46,595 पदों पर नियुक्ति की जाएगी। आयोग की आधिकारिक वेबसाइट पर परीक्षा शेड्यूल जारी कर दिया गया है। परीक्षा 22 से 27 सितंबर 2026 के बीच आयोजित होने की संभावना है, जबकि विस्तृत अधिसूचना जल्द जारी होगी।
आवेदन से पहले रजिस्ट्रेशन अनिवार्य
इस बार आवेदन प्रक्रिया में अहम बदलाव किया गया है। अभ्यर्थियों को मुख्य आवेदन पत्र भरने से पहले आयोग के रजिस्ट्रेशन पोर्टल पर अनिवार्य रूप से पंजीकरण कराना होगा। रजिस्ट्रेशन पूरा होने के बाद ही आवेदन फॉर्म भरा जा सकेगा।
आयोग के अनुसार, यह व्यवस्था आवेदन प्रक्रिया को अधिक सुव्यवस्थित और पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से लागू की गई है। पिछली भर्तियों की तरह इस बार भी बड़ी संख्या में आवेदन आने की उम्मीद है। उम्मीदवारों को सलाह दी गई है कि वे आवश्यक दस्तावेज पहले से तैयार रखें।
भर्ती प्रक्रिया में तीन बड़े बदलाव
TRE-4 भर्ती में इस बार तीन महत्वपूर्ण बदलाव लागू किए गए है।
1. डोमिसाइल नीति लागू– अधिकांश सीटें बिहार के मूल निवासियों के लिए आरक्षित रहेंगी।
2. महिलाओं को 35% आरक्षण– राज्य की मूल निवासी महिलाओं को 35 प्रतिशत आरक्षण का लाभ मिलेगा।
3. एक अभ्यर्थी, एक परिणाम– अब किसी भी उम्मीदवार का नाम एक से अधिक पदों की अलग-अलग मेरिट सूची में शामिल नहीं होगा। प्रत्येक अभ्यर्थी को केवल एक अंतिम परिणाम दिया जाएगा।
यह नया नियम लंबे समय से चर्चा में था और इससे चयन प्रक्रिया अधिक स्पष्ट होने की उम्मीद है।
परीक्षा तिथि और संभावित परिणाम
TRE-4 परीक्षा 22 से 27 सितंबर 2026 तक आयोजित की जाएगी। इसमें प्राथमिक, माध्यमिक और उच्च माध्यमिक स्तर के शिक्षक पदों के लिए चयन होगा।
परीक्षा परिणाम नवंबर 2026 में जारी किए जाने के संकेत हैं। आधिकारिक अधिसूचना जारी होने के बाद आवेदन शुल्क, आयु सीमा, पात्रता मानदंड और परीक्षा पैटर्न से जुड़ी विस्तृत जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी।
युवाओं के लिए बड़ा अवसर
TRE-4 भर्ती को बिहार के सरकारी विद्यालयों में शिक्षकों की कमी दूर करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। पहले के तीन चरणों में भी बड़ी संख्या में नियुक्तियां की जा चुकी हैं।
इस भर्ती अभियान के जरिए हजारों युवाओं को सरकारी नौकरी पाने का अवसर मिलेगा। शिक्षा क्षेत्र में करियर बनाने की इच्छा रखने वाले अभ्यर्थियों के लिए यह सुनहरा मौका है। राज्य सरकार का लक्ष्य पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी और निष्पक्ष बनाकर शिक्षा व्यवस्था को और मजबूत करना है।










