लोकसभा में मंगलवार को ऑपरेशन सिंदूर और जम्मू-कश्मीर की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गहन चर्चा हुई, जिसमें समाजवादी पार्टी की सांसद डिंपल यादव ने केंद्र सरकार को घेरते हुए तीखे सवाल दागे। उन्होंने हाल ही में पहलगाम में हुए आतंकी हमले को देश की सुरक्षा के लिए “गंभीर चेतावनी” बताया और घटना की पूरी ज़िम्मेदारी सरकार पर डाल दी।
“सरकार की लापरवाही का नतीजा है पहलगाम हमला”
डिंपल यादव ने कहा कि 22 अप्रैल को पहलगाम में हुआ आतंकी हमला न केवल एक सुरक्षा चूक है, बल्कि यह इस बात का सबूत है कि सरकार सिर्फ दिखावा कर रही थी कि कश्मीर में हालात सामान्य हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शांति का झूठा चित्र खींचने के चक्कर में ज़मीनी सच्चाई की अनदेखी की।
“एक भारतीय की जान की कोई कीमत नहीं?”
लोकसभा में अपने भाषण के दौरान डिंपल यादव ने तीखे शब्दों में पूछा, “क्या एक आम भारतीय की जान की कोई अहमियत नहीं है? अगर सरकार कहती है कि सब कुछ सामान्य है, तो फिर यह हमला क्यों हुआ?” उन्होंने सरकार को सीधे तौर पर घटना के लिए ज़िम्मेदार ठहराते हुए कहा कि लोगों की जान का नुकसान केवल गलत नीतियों का नतीजा है।
“सुरक्षा में चूक को माफ नहीं किया जा सकता”
डिंपल यादव ने यह भी कहा कि जिस समय यह हमला हुआ, उस दौरान अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस भारत में मौजूद थे। ऐसे समय में जब विशेष सुरक्षा बंदोबस्त किए जाते हैं, फिर भी अगर आतंकी हमला हो जाता है, तो यह साफ दर्शाता है कि सुरक्षा व्यवस्था में भारी कमी रही।
“सरकार को लेनी होगी ज़िम्मेदारी”
डिंपल यादव ने दो टूक कहा कि सरकार को इस हमले की ज़िम्मेदारी लेनी चाहिए और उन परिवारों को न्याय देना चाहिए जिन्होंने अपने अपनों को खोया। उन्होंने कहा कि पर्यटक सरकार की बातों पर भरोसा कर के कश्मीर घूमने जाते हैं, लेकिन वहां जान का खतरा बना हुआ है। ऐसे में ज़िम्मेदारी से भागने की बजाय जवाबदेही तय होनी चाहिए।










