नई दिल्ली। संसद में मंगलवार को ऑपरेशन सिंदूर को लेकर जोरदार बहस देखने को मिली। गृह मंत्री अमित शाह (Amit Shah) ने लोकसभा में इस ऑपरेशन और पहलगाम आतंकी हमले पर विस्तार से जानकारी दी, वहीं विपक्षी दलों ने जमकर हंगामा किया। अमित शाह ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए पूछा – “आप पूछते हैं कि हम कहां थे? आपकी नजर किस चश्मे से देख रही है? हमला 1 बजे हुआ और मैं शाम 5 बजे श्रीनगर पहुंच चुका था।”
जैसे ही अमित शाह ने यह बात कही, विपक्ष का हंगामा और तेज हो गया। इस पर गृह मंत्री ने दो टूक कहा, “सुनो-सुनो, सुनना पड़ेगा। ऐसे नहीं चलेगा। मैंने भी आपकी बातें सुनी हैं, अब आपको भी मेरी सुननी होगी।”
ऑपरेशन सिंदूर को लेकर साझा की अहम जानकारियां
अमित शाह ने बताया कि हमले के अगले ही दिन, 23 अप्रैल को सुरक्षा एजेंसियों के साथ उच्चस्तरीय बैठक हुई थी, जिसमें यह तय किया गया कि किसी भी आतंकी को पाकिस्तान भागने नहीं दिया जाएगा।
उन्होंने बताया कि इस ऑपरेशन के तहत अब तक 1055 लोगों से 3000 घंटे से ज्यादा पूछताछ की गई है। इसमें मृतकों के परिजनों, चश्मदीदों और संभावित सहयोगियों से गहनता से बातचीत की गई। पूछताछ के आधार पर आतंकियों के स्केच बनाए गए और सूचना के हर टुकड़े को जोड़ते हुए उन लोगों तक पहुंचा गया जिन्होंने हमलावरों को मदद या पनाह दी थी।
भावुक हुए शाह, शहीदों को किया याद
गृह मंत्री ने लोकसभा में शहीदों को याद करते हुए भावुक लहजे में कहा, “मैं एक महिला से मिला जो अपनी शादी के केवल छह दिन बाद ही विधवा हो गई। वह दृश्य मेरी आंखों से कभी नहीं जाएगा।”
उन्होंने कहा, “मोदी जी ने ऑपरेशन सिंदूर के जरिए सिर्फ हमलावरों को ही नहीं, बल्कि उन्हें भेजने वालों को भी खत्म किया। हमारे बहादुर जवानों ने उनका पूरा हिसाब चुकता किया।”










