वाराणसी। कांग्रेस सांसद और नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी (Rahul Gandhi) की कानूनी मुश्किलें अब वाराणसी में भी बढ़ती नजर आ रही हैं। अमेरिका यात्रा के दौरान सिख समुदाय को लेकर दिए गए कथित बयान के मामले में वाराणसी स्थित एमपी/एमएलए कोर्ट ने सुनवाई की मंजूरी दे दी है।
नागेश्वर मिश्रा की याचिका कोर्ट ने मानी
पूर्व ग्राम प्रधान नागेश्वर मिश्रा द्वारा दायर निगरानी याचिका पर सुनवाई करते हुए विशेष सत्र न्यायाधीश यजुर्वेद विक्रम सिंह ने याचिकाकर्ता की दलीलें स्वीकार कर ली हैं। यह याचिका राहुल गांधी के उस बयान के खिलाफ दायर की गई थी, जिसमें उन्होंने अपनी अमेरिका यात्रा के दौरान भारत में सिख समुदाय की स्थिति को लेकर टिप्पणी की थी।
नागेश्वर मिश्रा ने तिलमापुर, सारनाथ की ओर से यह याचिका दाखिल की थी।
राहुल गांधी की दलीलें खारिज
कोर्ट ने राहुल गांधी की ओर से दायर विचारणीय अपील को खारिज करते हुए मामले की आगे सुनवाई का रास्ता साफ कर दिया है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि याचिकाकर्ता की याचिका सुनवाई योग्य है और इसमें लगाए गए आरोपों पर विचार किया जाएगा।
लखनऊ के बाद अब वाराणसी में कानूनी घेराव
इससे पहले लखनऊ में भी इसी बयान को लेकर कानूनी कार्यवाही शुरू की गई थी। अब वाराणसी कोर्ट द्वारा सुनवाई की अनुमति मिलने के बाद राहुल गांधी को दोहरी कानूनी चुनौती का सामना करना पड़ सकता है।
क्या है मामला?
अमेरिका दौरे के दौरान राहुल गांधी ने भारत के सिख समुदाय की स्थिति को लेकर कुछ टिप्पणियां की थीं, जिसे याचिकाकर्ता ने सांप्रदायिक सौहार्द को नुकसान पहुंचाने वाला करार दिया है। इसी बयान को आधार बनाकर अदालत में मामला दर्ज कराने की मांग की गई थी।










