उपराष्ट्रपति चुनाव का हुआ ऐलान, 9 सितंबर को होगा मतदान

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भारत के नए उपराष्ट्रपति के चुनाव की तारीख तय कर दी गई है। चुनाव आयोग ने शुक्रवार को घोषणा करते हुए बताया कि उपराष्ट्रपति पद के लिए मतदान 9 सितंबर 2025 को होगा। इस पद के लिए नामांकन प्रक्रिया 7 अगस्त से शुरू होगी, और नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि 21 अगस्त तय की गई है। मतदान वाले दिन ही चुनाव के नतीजे भी घोषित कर दिए जाएंगे।

यह पद वर्तमान में रिक्त है, क्योंकि जगदीप धनखड़ ने 21 जुलाई को अपने पद से इस्तीफा दे दिया था, जबकि उनका कार्यकाल 2027 तक चलने वाला था। उन्होंने स्वास्थ्य कारणों का हवाला देते हुए त्यागपत्र दिया था।

उपराष्ट्रपति चुनाव का संविधानिक प्रावधान

भारतीय संविधान के अनुच्छेद 324 के तहत, भारत के उपराष्ट्रपति का चुनाव निर्वाचन आयोग की निगरानी में होता है। अनुच्छेद 66(1) के अनुसार, यह चुनाव निर्वाचक मंडल द्वारा किया जाता है जिसमें लोकसभा और राज्यसभा दोनों के निर्वाचित और मनोनीत सदस्य शामिल होते हैं।

1974 में बनाए गए राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति चुनाव नियमों के अनुसार, चुनाव आयोग को इन सदस्यों की अद्यतन सूची तैयार करने और संरक्षित रखने का अधिकार होता है।

निर्वाचक मंडल की स्थिति

चुनाव आयोग ने पहले ही 2025 उपराष्ट्रपति चुनाव के लिए निर्वाचक मंडल की सूची को अंतिम रूप दे दिया है। सभी सांसदों को वर्णमाला के क्रम में और उनके राज्यों के आधार पर व्यवस्थित किया गया है।

दोनों सदनों- लोकसभा (542 सदस्यीय, 1 सीट खाली) और राज्यसभा (240 प्रभावी सदस्य, 5 सीटें खाली) की प्रभावी सदस्य संख्या 782 है। जीत के लिए किसी भी उम्मीदवार को 391 मतों की आवश्यकता होगी (यदि सभी सदस्य वोट करें)।

एनडीए को बढ़त, विपक्ष को चुनौती

राजनीतिक आंकड़ों के अनुसार, सत्तारूढ़ एनडीए गठबंधन को लोकसभा में 293 और राज्यसभा में 129 सदस्यों का समर्थन प्राप्त है। इस तरह एनडीए को कुल 422 वोट मिलने की संभावना है, जो बहुमत से अधिक है।

चुनाव गुप्त मतदान द्वारा होगा और इसमें आनुपातिक प्रतिनिधित्व प्रणाली के अंतर्गत एकल संक्रमणीय मत प्रणाली (Single Transferable Vote) का प्रयोग किया जाएगा। मतदाता को अपनी प्राथमिकताएं उम्मीदवारों के नाम के आगे अंकित करनी होती हैं।

नया उपराष्ट्रपति: पूरा कार्यकाल

हालांकि धनखड़ ने सिर्फ दो साल में इस्तीफा दे दिया, लेकिन उनके उत्तराधिकारी को पूरा पांच साल का कार्यकाल मिलेगा। चुनाव आयोग ने इस्तीफे के दो दिन बाद ही चुनाव की प्रक्रिया आरंभ कर दी थी।

Ankita Yadav
Author: Ankita Yadav

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