मुंबई में बृहन्मुंबई नगर निगम (बीएमसी) चुनाव 2026 को लेकर सियासी सरगर्मी तेज हो गई है। इसी कड़ी में शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने बीजेपी पर जमकर निशाना साधते हुए गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि बीजेपी ने अब तक शिवसेना का गलत इस्तेमाल किया है और कांग्रेस के साथ भी उनका अनुभव कुछ ऐसा ही रहा है। ठाकरे ने साफ किया कि लंबे समय बाद मराठी अस्मिता और महाराष्ट्र के हितों की रक्षा के लिए उनकी पार्टी महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) के साथ आई है।
सेना भवन में शिवसैनिकों की बैठक को संबोधित करते हुए उद्धव ठाकरे ने कार्यकर्ताओं से एकजुट रहने की अपील की। उन्होंने कहा, “धनुष-बाण का निशान छीन लिया गया, तब हमें मशाल कैसे मिली, यह आप सब जानते हैं। मैं आपसे अपील करता हूं कि कोई भी दल-बदल न करे। एक पल के लिए मेरी कुर्सी पर बैठकर सोचिए। महाराष्ट्र की भलाई के लिए अगर मुझे विलेन भी कहा जाए तो मंजूर है, लेकिन वफादारी मत बेचिए।”
‘बीजेपी ने हमारा गलत इस्तेमाल किया’
उद्धव ठाकरे ने कहा कि बीजेपी ने शिवसेना का गलत इस्तेमाल किया और कांग्रेस के साथ भी उनका अनुभव ऐसा ही रहा। उन्होंने बताया कि मराठी अस्मिता की लड़ाई के लिए MNS के साथ गठबंधन किया गया है। ठाकरे ने माना कि गठबंधन में सब कुछ मनचाहा नहीं होता और इसके लिए कुछ वार्ड छोड़ने भी पड़ते हैं। उन्होंने इसे भावनात्मक लड़ाई बताते हुए कहा कि वह कार्यकर्ताओं के समर्थन से शिवसेना को आगे बढ़ा रहे हैं।
16 जनवरी को दिखना चाहिए जश्न
उद्धव ठाकरे ने टिकट वितरण को लेकर भी सख्त संदेश दिया। उन्होंने कहा कि अगर किसी को टिकट नहीं मिलता और वह तुरंत बीजेपी में चला जाता है, तो यह गलत है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या पार्टी प्रमुख के सभी फैसले हर किसी की मर्जी से होते हैं। ठाकरे ने कहा, “अगर मुंबई में शिवसेना का सफाया हो गया, तो इसका मतलब मुंबई और महाराष्ट्र को निगलने का रास्ता खुल जाएगा। आज जो जोश है, वह 16 जनवरी को जीत के जश्न में दिखना चाहिए।”
‘मुंबई कोई छीन नहीं सका’
उन्होंने कहा कि उम्मीदवारों की सूची उनका आदेश होगी और कोई भी शिवसैनिक पार्टी नहीं छोड़ेगा। उद्धव ठाकरे ने भरोसा जताया कि शिवसेना हमेशा से मुंबई और महाराष्ट्र की रक्षा करती आई है। उन्होंने कहा, “छत्रपति शिवाजी महाराज के समय से भगवा झंडे ने कई बंटवारे देखे हैं, लेकिन किस्मत बहादुरों को चुनती है। इतने साल हम लड़े, मुंबई कोई छीन नहीं सका।”
इस बीच, सियासी गलियारों में यह भी चर्चा है कि वंचित बहुजन आघाड़ी और कांग्रेस के बीच गठबंधन पर सहमति बन सकती है। वहीं बीजेपी और शिंदे गुट भी ठाणे और मुंबई में लगातार बैठकें कर प्रचार तेज कर चुके हैं। बीएमसी चुनाव से पहले महाराष्ट्र की राजनीति में आने वाले दिनों में और भी सियासी हलचल देखने को मिल सकती है।










