वाराणसी। उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री और शहर उत्तरी से विधायक रविंद्र जायसवाल ने स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) प्रक्रिया को लेकर गंभीर आपत्ति जताई है। उन्होंने दावा किया कि काशी में सुनियोजित तरीके से वोटरों की हेराफेरी की जा रही है और उनकी विधानसभा से करीब एक लाख मतदाताओं के नाम काट दिए गए हैं। मंत्री ने इसे “वोट जिहाद” बताते हुए विपक्ष, खासकर कांग्रेस, पर सीधा हमला बोला।
गुरुवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में रविंद्र जायसवाल ने कहा कि SIR शुरू होने से पहले उनकी विधानसभा में 4 लाख 45 हजार मतदाता थे, लेकिन पहले चरण में ही 1.10 लाख वोट हटा दिए गए। जब 6 जनवरी को फाइनल वोटर लिस्ट आई, तो उसकी गहन जांच कराई गई। इस दौरान 90 हजार मतदाताओं की पड़ताल में करीब 9200 नाम संदिग्ध पाए गए, जिन्हें उन्होंने डमी वोटर बताया।
मंत्री का आरोप है कि फाइनल लिस्ट में कई 30 से 40 साल की शादीशुदा महिलाएं अब भी पिता के नाम से वोटर दर्ज हैं। यही नहीं, इनके नाम दो से तीन अलग-अलग बूथों पर एक ही पते और एक ही विवरण के साथ मौजूद हैं। उन्होंने कहा कि यह साधारण लापरवाही नहीं, बल्कि एक सोची-समझी साजिश का हिस्सा है।
रविंद्र जायसवाल ने बताया कि इस मामले को लेकर उन्होंने जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार से औपचारिक शिकायत की है और पूरे वोटर डेटा की दोबारा समीक्षा की मांग की है। उनका कहना है कि अगर सीमित जांच में ही हजारों गड़बड़ियां सामने आ रही हैं, तो पूरी सूची की जांच जरूरी है।
वहीं, प्रशासन की ओर से कहा गया है कि डुप्लीकेट और गलत प्रविष्टियों को लेकर आने वाली आपत्तियों पर नियमानुसार जांच की जाती है और विधायक द्वारा उठाए गए सभी बिंदुओं पर भी कार्रवाई की जा रही है।
Author: News Rastra
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